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सीआईएसएफ कांस्टेबल ने लाइसेंसी पिस्तौल तानकर मांगे 8-10 लाख

8-10 लाख रुपये की वसूली

सीआईएसएफ कांस्टेबल ने लाइसेंसी पिस्तौल तानकर मांगे 8-10 लाख, भाई के साथ चेंबूर में दिया धमकी

मुंबई, चेंबूर के पंजरापोल जंक्शन पर उस वक्त सनसनी फैल गई जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के एक मौजूदा कांस्टेबल ने अपने भाई के साथ मिलकर एक 48 वर्षीय व्यक्ति को लाइसेंसी पिस्तौल दिखाकर 8-10 लाख रुपये की वसूली के लिए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी कांस्टेबल ने खुद को “दूसरे राज्य में हत्या के केस” में फंसा हुआ बताकर पीड़ित को डराने की कोशिश की।

ट्रॉम्बे पुलिस ने दोनों भाइयों – CISF कांस्टेबल संघपाल वानखेड़े और उसके बड़े भाई शिशुपाल वानखेड़े के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 30 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5), 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के घर से पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद कर लिए हैं। जांच जारी है।

पीड़ित खुद था अवैध निवेश का आरोपी : शिकायतकर्ता प्रवीण जोगिदरपाल ओभान (48), जो चेंबूर की सिंधी सोसाइटी स्थित लव-कुश टावर में रहता है, खुद मई 2025 में अवैध जमा योजना चलाने के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। गोवंडी पुलिस ने उसे अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध (BUDS एक्ट-2019 और BNS की संबंधित धाराओं में गिरफ्तार किया था। आर्थर रोड जेल में करीब पांच महीने हिरासत में रहने के बाद 19 अक्टूबर 2025 को उसे जमानत मिली थी। ओभान कथित तौर पर लोगों से पैसा इकट्ठा कर विभिन्न योजनाओं में निवेश करता था और 10-15% मासिक रिटर्न का लालच देता था। वानखेड़े बंधु भी उसके इसी स्कीम में पिछले 15 महीनों से 8-10 लाख रुपये निवेश कर चुके थे, जिसमें से कुछ रकम वापस मिली थी, लेकिन बड़ी राशि अब भी बकाया थी।

7 नवंबर को कार में बैठकर दी धमकी  :  एफआईआर के मुताबिक, 7 नवंबर की सुबह करीब 9:20 बजे शिशुपाल वानखेड़े ने ओभान को फोन कर पंजरापोल जंक्शन के पास बुलाया। दोपहर 약 1:45 बजे ओभान अपनी रेनॉल्ट ट्राइबर कार (नंबर MH 03 EJ 9189) से वहां पहुंचा। दोनों भाई मोटरसाइकिल पर आए और कार में सवार हो गए – संघपाल आगे की सीट पर और शिशुपाल पीछे। पैसे मांगने पर जब ओभान ने कहा कि “मामला कोर्ट में है, दो-तीन साल लगेंगे”, तो CISF कांस्टेबल संघपाल ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली, मैगजीन खोलकर कारतूस दिखाए, फिर दोबारा लोड करके ओभान के मुंह पर तान दी। उसने कहा:

“पैसे दे दो वरना नहीं छोड़ेंगे। तुम्हें और तुम्हारी गाड़ी को अपने साथ ले जाएंगे। मुझे हल्के में मत लेना, मेरे खिलाफ दूसरे राज्य में 302 (हत्या) का केस चल रहा है।”

डर के मारे ओभान ने पत्नी को फोन करने का बहाना बनाकर कार से बाहर निकला और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम 100 डायल कर दिया। गोवंडी पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जगह ट्रॉम्बे थाने की होने से मामला उन्हें सौंप दिया गया। पुलिस आने पर संघपाल ने खुद को CISF कर्मी बताया और चुपके से पिस्तौल अपने भाई शिशुपाल को थमा दी, जो उसे लेकर फरार हो गया। बाद में ट्रॉम्बे पुलिस ने संघपाल को हिरासत में लिया और उसके घर से पिस्तौल व कारतूस बरामद किए। 27 नवंबर को औपचारिक तौर पर FIR दर्ज की गई।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “आरोपी CISF कर्मी की सर्विस रिकॉर्ड और लाइसेंस की भी जांच की जा रही है। उसके खिलाफ दूसरे राज्य में हत्या का केस होने की बात भी सत्यापित की जा रही है। दोनों भाइयों की तलाश जारी है।”

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