
अंधेरी डबल मर्डर केस: पारिवारिक यातनाओं से तंग आकर बेटे ने पिता-दादा की चाकू से हत्या की, चाचा घायल

मुंबई के अंधेरी इलाके में हुई इस सनसनीखेज डबल मर्डर घटना की पूरी डिटेल्स मांगी हैं। यह मामला 23 सितंबर 2025 (मंगलवार) को रात करीब 11:30 बजे संतोषी माता चॉल, एमआईडीसी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत हुआ था। ध्यान दें, यह घटना पारिवारिक विवाद और लंबे समय से चली आ रही यातनाओं का परिणाम बताई जा रही है।
क्या हुआ? 23 वर्षीय चेतन मनोज भाटरे (पेशे से मेडिकल स्टोर का डिलीवरी बॉय) ने अपने पिता मनोज भाटरे (उम्र 48 वर्ष), दादा रामभाऊ भाटरे (उम्र 72 वर्ष) और चाचा संजय भाटरे (उम्र 45 वर्ष) पर चाकू से जानलेवा हमला किया। हमले में पिता और दादा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए। चेतन ने खासतौर पर पिता और दादा के गले रेत दिए।
कब और कहां? मंगलवार रात 11:30 बजे के आसपास, अंधेरी (पूर्व) के संतोषी माता चॉल में। चेतन काम से घर लौटा तो परिवार में पुरानी दुश्मनी भड़क उठी, जिसके चलते यह खौफनाक वारदात हुई।
आरोपी का सरेंडर: हमले के तुरंत बाद चेतन ने खुद एमआईडीसी पुलिस स्टेशन पहुंचकर सरेंडर कर दिया। वह खून से सना चाकू लेकर थाने गया और बोला, “मैं टूट चुका था।” पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
कारण: लंबे समय से चली आ रही पारिवारिक यातनाएं
प्रारंभिक जांच और आरोपी के बयान के अनुसार, यह घटना अचानक नहीं, बल्कि वर्षों की पीड़ा का नतीजा है।
मुख्य कारण : शराब की लत और हिंसा: चेतन ने पुलिस को बताया कि उसके पिता, दादा और चाचा सभी शराबी थे। वे रोज झगड़ते थे, घर में मारपीट करते थे और चेतन की कमाई (डिलीवरी जॉब से होने वाली आय) का दुरुपयोग करते थे। चेतन बचपन से ही इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार था।
मां का घर छोड़ना : चेतन की मां दो साल पहले इसी उत्पीड़न से तंग आकर घर छोड़कर चली गईं। चेतन ने कहा, “मां को रोज अपमानित किया जाता था। वे (परिवार के पुरुष) बहन से भी पैसे छीनते थे।”
रोज की पीड़ा : चेतन ने बयान में कहा, “घर नर्क जैसा हो गया था। मैं और मेरी बहन रोज दर्द सहते थे। रोज एक ही बातें: पैसे दो, काम करो, चुप रहो। मैं टूट चुका था।” यह सब मिलकर उसके मन में गुस्से को भड़काने का काम किया।
पीड़ितों और परिवार की जानकारी
पिता (मनोज भाटरे): 48 वर्षीय, बेरोजगार, शराब की लत के आदी। परिवार का मुख्य झगड़ालू सदस्य।
दादा (रामभाऊ भाटरे): 72 वर्षीय, रिटायर्ड, लेकिन शराब और झगड़ों में शामिल।
चाचा (संजय भाटरे): 45 वर्षीय, घायल। हमले में चाकू के कई वार लगे, उन्हें तुरंत कूपर अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, लेकिन खतरा टल गया है।
अन्य परिवार : चेतन की एक बहन है, जो इस घटना से डरी हुई है। मां अलग रह रही हैं। परिवार गरीब तबके का है और चॉल में रहता था।
पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई : एमआईडीसी पुलिस की भूमिका: पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। चाकू बरामद कर लिया गया है। आरोपी से लगातार पूछताछ हो रही है, जिसमें कोई पूर्व नियोजित साजिश नहीं मिली—यह गुस्से में लिया गया फैसला लगता है।
मामले की स्थिति : हत्या का केस दर्ज। अगर चाचा की गवाही ली गई, तो चार्जशीट में और डिटेल्स जुड़ सकती हैं। पुलिस परिवार के अन्य सदस्यों से भी बयान ले रही है।
सोशल इम्पैक्ट : यह घटना मुंबई में पारिवारिक हिंसा और शराब की लत से जुड़े मुद्दों पर बहस छेड़ रही है। एनजीओ और काउंसलर परिवार की बहन को सपोर्ट दे रहे हैं।




