
मालाड में खौफनाक हत्या: टूटे रिश्ते का मजाक बना काल, सहकर्मी ने दोस्त को चाकू घोंप-घोंपकर उतारा मौत के घाट
मुंबई, मालाड पश्चिम के कुरार विलेज इलाके में गुरुवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक व्यक्ति ने अपने ही सहकर्मी और कथित दोस्त को सिर्फ इसलिए चाकू से गोद डाला क्योंकि वह उसके टूटे वैवाहिक जीवन का बार-बार मजाक उड़ाता था। आरोपी ने शव को प्लास्टिक की बोरी में बंद कर पास के नाले में फेंकने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची दिंदोशी पुलिस ने उसे मौके से धर दबोचा। मृतक की पहचान 34 वर्षीय संजय गुप्ता (नाम बदला हुआ) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और पिछले 8 साल से मुंबई में एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर था। आरोपी राजेश यादव (36) उसी कंपनी में उसके साथ काम करता था और दोनों एक ही कमरे में किराए पर रहते थे।
पुलिस के अनुसार, संजय की पत्नी दो साल पहले उसे छोड़कर मायके चली गई थी और तलाक का केस चल रहा था। राजेश अक्सर शराब पीकर संजय के टूटे रिश्ते का मजाक उड़ाता था। गुरुवार रात करीब 11 बजे दोनों ने फिर शराब पी। इसी दौरान राजेश ने फिर पुरानी बात छेड़ दी। बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट पर उतर आई। गुस्से में राजेश ने किचन से चाकू निकाला और संजय पर ताबड़तोड़ 18 वार किए। संजय की गर्दन, छाती और पेट पर गहरे घाव थे, मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद राजेश ने शव को बेडशीट में लपेटा और प्लास्टिक की बड़ी बोरी में बंद कर दिया। वह इसे रात के अंधेरे में पास के नाले में फेंकने की फिराक में था, तभी पड़ोसियों को खून की बू और संदिग्ध हरकत दिखी। किसी ने तुरंत 100 नंबर डायल कर दिया।दिंदोशी पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर अजय पवार ने बताया, “आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने कहा कि संजय बार-बार उसकी बीवी के चले जाने का मजाक उड़ाता था, जिससे वह तिलमिला गया था। हत्या में इस्तेमाल चाकू और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड लिया जाएगा। ”मृतक संजय का एक 9 साल का बेटा है जो मां के पास रहता है। परिजनों को सूचना दे दी गई है, वे शुक्रवार सुबह मुंबई पहुंच रहे हैं। इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग बता रहे हैं कि दोनों अक्सर शराब पीकर झगड़ते थे, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि बात हत्या तक पहुंच जाएगी।




