धनंजय मुंडे ने नहीं छोड़ा सरकारी बंगला, जुर्माना पहुंचा 42 लाख रुपये तक!
छगन भुजबल अब भी बंगले के इंतजार में

जागरूक मुंबई न्यूज़
धनंजय मुंडे ने नहीं छोड़ा सरकारी बंगला, जुर्माना पहुंचा 42 लाख रुपये तक!
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से एक पुराने मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। एनसीपी (अजित पवार गुट) के विधायक और पूर्व खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री धनंजय मुंडे को उनके पद से इस्तीफा दिए 5 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्होंने अपना सरकारी बंगला ‘सातपुडा’ खाली नहीं किया है। इस देरी के चलते उन पर बकाया किराया और अन्य शुल्कों के रूप में जो जुर्माना लगाया गया है, वह अब तक ₹42 लाख तक पहुंच चुका है।
सरकारी बंगला नहीं खाली करने की वजह से विवाद धनंजय मुंडे को मंत्री पद छोड़ने के बाद नियम के अनुसार जल्द से जल्द ‘सातपुडा’ बंगला खाली करना था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, और वे अब भी उसी सरकारी आवास पर रह रहे हैं। नियमों के अनुसार, पद छूटने के बाद भी यदि कोई सरकारी आवास का कब्जा बनाए रखता है, तो उसे हर दिन का किराया और जुर्माना चुकाना होता है।
अब तक करीब 150 दिनों का जुर्माना जोड़कर ये राशि ₹42 लाख तक पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री से की मुलाकात सूत्रों के अनुसार, धनंजय मुंडे ने इस भारी भरकम जुर्माना माफ करवाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से दो बार मुलाकात की है। चर्चाओं की मानें, तो वे चाहते हैं कि यह रकम सरकारी स्तर पर माफ कर दी जाए। हालांकि, सरकार की तरफ से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
🪑 छगन भुजबल अब भी बंगले के इंतजार में
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि धनंजय मुंडे की जगह मंत्री बने छगन भुजबल अब तक सरकारी बंगले के इंतजार में हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि यदि पुराने मंत्री बंगला खाली नहीं करेंगे तो नए मंत्री कहां रहेंगे?
क्या सत्ता में करीबी होना कानून से ऊपर है? आम आदमी को इतने बकाया पर नोटिस और बेदखली मिल जाती है, तो नेताओं के लिए अलग नियम क्यों? क्या ₹42 लाख का यह जुर्माना वसूल किया जाएगा या माफ कर दिया जाएगा?
मुंबई जैसे महानगर में जहां आम आदमी को किराए के मकान के लिए संघर्ष करना पड़ता है, वहीं एक पूर्व मंत्री महीनों तक बिना पद के सरकारी बंगले में रहकर भारी भरकम जुर्माना जोड़ रहा है। इस मुद्दे पर सरकार की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।




