
नवी मुंबई, भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) की नवी मुंबई इकाई ने भूमि अभिलेख विभाग के दो अधिकारियों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रभावित क्षेत्र (नैना) में आने वाले एक भूखंड के मापन दस्तावेज जारी करने के बदले 6 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मंगलवार को बेलापुर रेलवे स्टेशन के पास आयोजित सापले (ट्रैप) में की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उप अधीक्षक भूमि अभिलेख (नैना), द्वितीय श्रेणी, दिलीप तुलसीराम बागुल (55) और सर्वेक्षक (निमतंदर), तृतीय श्रेणी, कलीमुद्दीन रियाजुद्दीन शेख (37) के रूप में हुई है। दोनों अधिकारी भूमि अभिलेख कार्यालय (नैना) से संबद्ध हैं।
शिकायतकर्ता कामोठे निवासी हैं और एक रियल एस्टेट डेवलपर के लिए काम करते हैं। डेवलपर ने नैना परियोजना के तहत टीपीएस-1 में प्लॉट नंबर 27 खरीदा था। शिकायतकर्ता को आधिकारिक भूमि मापन दस्तावेज प्राप्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके लिए उन्होंने भूमि अभिलेख कार्यालय में आवेदन दिया।
5 दिसंबर को भूमि मापन पूरा होने के बाद आरोपियों ने मापन ‘के’ पत्र जारी करने के लिए शुरू में 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने 15 दिसंबर को एसीबी नवी मुंबई इकाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सत्यापन के दौरान आरोपियों ने मांग बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी, जो बाद में बातचीत से 6 लाख रुपये पर सिमट गई।
शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसीबी ने उप पुलिस अधीक्षक धर्मराज सोनके के पर्यवेक्षण में 16 दिसंबर को सापला रचा। पुलिस निरीक्षक अरुंधती येल्वे के नेतृत्व में टीम ने बेलापुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में निमतंदर कलीमुद्दीन शेख को रिश्वत स्वीकार करते रंगे हाथों पकड़ा, जबकि उप अधीक्षक दिलीप बागुल को उसी समय हिरासत में लिया गया।
एसीबी के डीएसपी धर्मराज सोनके ने कहा, “दोनों आरोपियों ने सरकारी दस्तावेज जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की और उसे स्वीकार किया। उचित सत्यापन के बाद सापला सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। आगे की जांच जारी है।”
यह घटना नैना परियोजना से जुड़े भूमि मामलों में भ्रष्टाचार की बढ़ती शिकायतों के बीच सामने आई है। एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।




