
मुंबई: कुख्यात गैंगस्टर रवि पुजारी को सांताक्रूज़ एक्सटॉर्शन केस में फिर हिरासत में लेगी पुलिस
मुंबई, मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (जबरन वसूली विरोधी प्रकोष्ठ) ने कुख्यात अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी को एक पुराने लेकिन गंभीर मामले में दोबारा हिरासत में लेने की तैयारी पूरी कर ली है। यह मामला 2014 का है, जब सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन में एक कारोबारी के खिलाफ 3 करोड़ रुपये की जबरन वसूली की शिकायत दर्ज हुई थी।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब इस लंबे समय से लंबित केस में कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रवि पुजारी को हिरासत में लेगी। पुलिस का कहना है कि इस दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले के सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके और अन्य संभावित सहयोगियों की जानकारी हासिल की जा सके।
साल 2014 में मुंबई के कारोबारी इमरान शेख को ऑस्ट्रेलिया से कई धमकी भरे फोन आए थे। इन कॉलों में कथित तौर पर रवि पुजारी के नाम से 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। धमकी दी गई कि अगर रकम नहीं दी गई तो जान से मार दिया जाएगा।शिकायत मिलने पर सांताक्रूज़ पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की और रवि पुजारी को मुख्य आरोपी के रूप में वांछित घोषित किया गया। उस समय पुजारी विदेश में फरार था और विदेश से ही जबरन वसूली का रैकेट चला रहा था।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति पिछले कुछ वर्षों में रवि पुजारी को सेनेगल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था और वह विभिन्न मामलों में जेल में बंद है। मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने अब इस पुराने मामले की फाइल दोबारा सक्रिय की है। विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही पुजारी को इस केस में हिरासत में लिया जाएगा।
पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यह मामला लंबे समय से लंबित था, लेकिन अब सबूतों और कानूनी आधार पर हम आगे बढ़ रहे हैं। आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।”
रवि पुजारी का आपराधिक इतिहास : रवि पुजारी, जो कभी छोटा राजन गिरोह से जुड़े थे, बाद में अपना अलग गिरोह बनाकर मुंबई सहित कई शहरों में जबरन वसूली, धमकियां और अन्य अपराधों में शामिल रहे। उनके खिलाफ मुंबई में दर्जनों मामले हैं, जिनमें हत्या के प्रयास, एक्सटॉर्शन और मकोका के प्रावधान शामिल हैं। हाल के वर्षों में भी पुलिस ने उनसे जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस की संगठित अपराध के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।




