
ठाणे जीआरपी की मुस्तैदी से 2 साल की बच्ची को बचाया, 14 साल की नाबालिग लड़की हिरासत में
मुंबई/ठाणे, : संवाददाता : नितिन गुजराल
ठाणे सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मात्र 24 घंटे के अंदर एक सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा करते हुए 2 वर्षीय मासूम बच्ची को सकुशल बचा लिया। अपहरण करने वाली 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को अंबरनाथ स्टेशन के पास से हिरासत में लिया गया है। घटना 8 दिसंबर की रात करीब साढ़े आठ बजे की है। घाटकोपर के नित्यानंद नगर निवासी एक दंपति अपने तीन छोटे बच्चों को परिवार के परिचित राजेश के हवाले करके ठाणे में फिल्म देखने गए थे। फिल्म और डिनर के बाद जब वे 9 दिसंबर तड़के करीब 3 बजे ठाणे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर बच्चों को लेने पहुंचे तो पता चला कि उनकी 2 साल की बेटी गायब है।
राजेश ने बताया कि उसकी जान-पहचान की 14 साल की लड़की बच्ची को “थोड़ी देर घुमाने” के बहाने ले गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। स्टेशन पर देर रात तक तलाश करने के बाद भी जब बच्ची का कोई अता-पता नहीं चला तो माता-पिता ने ठाणे जीआरपी में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत दर्ज किया गया। शिकायत मिलते ही ठाणे जीआरपी की क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया और मुखबिरों को सक्रिय किया गया। कल्याण, अंबरनाथ समेत आसपास के इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई।
मेहनत रंग लाई। महज कुछ घंटों बाद 9 दिसंबर को ही पुलिस को अंबरनाथ रेलवे स्टेशन के बाहर बच्ची और नाबालिग संदिग्ध का सुराग मिल गया। दोनों को सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया। मासूम बच्ची पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित है। उसे परिजनों के सुपुर्द करने से पहले सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि नाबालिग लड़की ने बच्ची को क्यों और किन परिस्थितियों में ले जाया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वह राजेश की दूर की रिश्तेदार या परिचित थी, लेकिन अपहरण का सटीक मक मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
ठाणे जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की तत्परता की सराहना की है। उन्होंने कहा, “रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर इतनी छोटी बच्ची का अपहरण बेहद गंभीर मामला था। हमारी टीम ने दिन-रात एक करके बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों का दर्द कम किया है।”
परिजनों ने पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी उनकी लाडली वापस आ जाएगी। बच्ची की मां की आंखों में खुशी के आंसू थे जब वह अपनी बेटी को गोद में लेकर घर लौटी। यह घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की चेतावनी देती है, खासकर भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर।




