नवजात शिशु को 5 लाख में बेचने के आरोप में 60 वर्षीय नर्स की जमानत अर्जी खारिज
संवाददाता : बृजभूषण निषाद

नवजात शिशु को 5 लाख में बेचने के आरोप में 60 वर्षीय नर्स की जमानत अर्जी खारिज
मुंबई के सत्र न्यायालय ने गोवंडी स्थित एक नर्सिंग होम में नवजात शिशु को 5 लाख रुपये में बेचने के सनसनीखेज मामले में आरोपी 60 वर्षीय नर्स अनीता सावंत की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने जांच अभी प्रारंभिक चरण में होने का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। इस मामले में अस्पताल के मालिक डॉ. कायमुद्दीन खान सहित अन्य आरोपी भी शामिल हैं।
यह मामला पिछले साल नवंबर 2025 का है, जब गोवंडी के शिवाजी नगर क्षेत्र स्थित रॉयल हॉस्पिटल में एक अविवाहित महिला ने समय से पहले एक बच्चे को जन्म दिया था। प्रसव के बाद महिला बच्चे को छोड़कर अस्पताल से चली गई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, डॉ. कायमुद्दीन खान और नर्स अनीता सावंत ने बिना किसी औपचारिकता या आधिकारिक रिकॉर्ड के चुपके से प्रसव कराया। इसके बाद दोनों ने सह-आरोपी शमा की मदद से नवजात शिशु को दर्शना नाम की महिला को 5 लाख रुपये में बेचने की कोशिश की।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि जन्म के तुरंत बाद नर्स अनीता सावंत ने शमा की मदद से नवजात की तस्वीर खरीदार दर्शना को भेजी थी, जिससे साबित होता है कि नर्स ने तस्करी में सक्रिय भूमिका निभाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अनीता सावंत न तो बच्चे की अभिभावक थीं और न ही माता-पिता, लेकिन नवजात उनकी और डॉ. खान की देखरेख में था। रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री से सावंत की खरीदार के साथ सौदेबाजी में भूमिका स्पष्ट दिखती है।
इस मामले की शुरुआत नवंबर 2025 में हुई, जब सामाजिक कार्यकर्ता बीनू वर्गीस की सूचना पर शिवाजी नगर पुलिस ने अस्पताल पर छापा मारा। पुलिस ने डॉ. खान और नर्स अनीता सावंत समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। नवजात को सुरक्षित बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस जांच में अस्पताल के अवैध संचालन और पहले के संभावित मामलों की भी कड़ी जुड़ रही है।
अदालत ने जांच की संवेदनशीलता और प्रारंभिक चरण को देखते हुए जमानत खारिज की है। मामले में आगे की सुनवाई जारी रहेगी। यह घटना मुंबई में नवजात तस्करी के बढ़ते मामलों पर गंभीर सवाल उठाती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच में और खुलासे हो सकते हैं।




