
चुनाव आयोग बना ‘बीजेपी का जोकर’ : सामना ने खोला मोर्चा, उद्धव का सीधा हमला
मुंबई | शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को अचानक २० दिसंबर तक टालने के चुनाव आयोग के फैसले को “लोकतंत्र पर काला धब्बा” बताते हुए आयोग पर खुलेआम हमला बोला है। पार्टी ने इसे बीजेपी की “घिनौनी साजिश” करार दिया है और कहा है कि चुनाव आयोग अब “भाजपा का निजी जोकर” बनकर रह गया है।
आज के ‘सामना’ के मुखपृष्ठ पर छपी आग उगलती संपादकीय में लिखा है –
“चुनाव आयोग ने साबित कर दिया कि वह स्वायत्त संस्था नहीं, बल्कि दिल्ली दरबार का कठपुतली थिएटर है। एक झटके में तारीखें बढ़ाकर उसने महाराष्ट्र के १२ करोड़ लोगों की भावनाओं का मखौल उड़ाया। यह कोई प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि बीजेपी को सांस लेने का ऑक्सीजन सिलिंडर देने की सुनियोजित चाल है। आयोग अब जोकर बन गया है – जिसका मेकअप दिल्ली में होता है और तमाशा महाराष्ट्र में दिखाया जाता है।”
पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मातोश्री में पत्रकारों से कहा,
“ये लोग डर गए हैं। जनता ने मन बना लिया है कि इस बार सत्ता उखाड़ फेंकनी है, इसलिए अब चुनाव आयोग को आगे करके तारीखें बढ़वा रहे हैं। ये प्लान्ड अफरा-तफरी है, प्लान्ड धांधली है। लेकिन याद रखो – महाराष्ट्र का शेर जाग गया है। जोकरों का तमाशा ज्यादा दिन नहीं चलेगा। जनता अब कोर्ट में नहीं, वोट की अदालत में इनका हिसाब करेगी।”
शिवसेना (UBT) के मुख्य प्रवक्ता संजय राऊत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी भरे लहजे में कहा,
“चुनाव आयोग ने जो किया, वह संविधान की हत्या है। हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, सड़कों पर उतरेंगे और हर गाँव-हर गली में जनता को बताएंगे कि कैसे लोकतंत्र को बंधक बनाया जा रहा है। ये जोकरों का खेल है, और जनता अब तमाशा देखने नहीं, तमाशा खत्म करने आई है।”
पार्टी ने ऐलान किया है कि कल से पूरे महाराष्ट्र में ‘लोकतंत्र बचाओ – जोकर हटाओ’ अभियान शुरू होगा और हर जिले में विशाल विरोध प्रदर्शन होंगे।महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर भूचाल आ गया है – अब देखना यह है कि यह आक्रोश वोट की चिंगारी बनता है या सिर्फ शोर बनकर रह जाता है।




