हत्या के प्रयास और बलात्कार मामलों में आरोपियों को सजा

मुंबई सत्र न्यायालय का फैसला: हत्या के प्रयास और बलात्कार मामलों में आरोपियों को सजा
मुंबई के 19वें सत्र न्यायालय ने हत्या के प्रयास और बलात्कार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है।
पहला मामला – हत्या का प्रयास देवनार पुलिस स्टेशन (गु.र.नं. 379/2021) में दर्ज प्रकरण में आरोपी आकाश विद्याधर डावरे और विकास फुलचंद जैग्वाल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 34, 120(बी) सहित आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत मामला दर्ज था।
अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 8 वर्ष सश्रम कारावास और ₹35,000 का दंड सुनाया। दंड न भरने की स्थिति में उन्हें अतिरिक्त 1 वर्ष की कैद भुगतनी होगी। इस मामले की सुनवाई और सजा सुनिश्चित करने में अपर पुलिस आयुक्त (पूर्व प्रादेशिक विभाग) के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रमेश यादव, जांच अधिकारी पोउनि सुपे, पोनि हरिभाऊ बानकर और कोर्ट पैरवी अधिकारी पोउनि सुनील सूर्यवंशी सहित पुलिस दल ने उल्लेखनीय कार्य किया।
दूसरा मामला – बलात्कार (POCSO Act)। चेबूर पुलिस स्टेशन (गु.र.नं. 320/2021) में दर्ज प्रकरण में आरोपी शुभम अशोक तायडे (उम्र 22 वर्ष) पर नाबालिग के अपहरण और बलात्कार (धारा 363, 376, 376(2)(एन), 506 भादवि व पॉक्सो एक्ट) का मामला चल रहा था।
अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास और ₹5,000 का दंड सुनाया। दंड न भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 3 महीने की कैद भुगतनी होगी। इस मामले की पैरवी और सजा सुनिश्चित करने में अपर पुलिस आयुक्त (पूर्व प्रादेशिक विभाग) श्री महेश पाटील के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश केवल, जांच अधिकारी मपोउनि शीतल कदम, सपोनि ललित दळवी, कोर्ट पैरवी अधिकारी पोउनि संजय कुंभार और पुलिस स्टाफ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।




