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1.25 करोड़ लेते रंगे हाथों पकड़ा गया पूर्व जीएसटी अधिकारी

अब 5 साल की जेल

मुंबई: 10 करोड़ की मांग, 1.25 करोड़ लेते रंगे हाथों पकड़ा गया पूर्व जीएसटी अधिकारी… अब 5 साल की जेल

मुंबई, 28 नवंबर: विशेष सीबीआई अदालत ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में जीएसटी विभाग के पूर्व सहायक आयुक्त अशोक कुमार नायक (68) को पांच साल कड़ी कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में साफ कहा कि आरोपी का कृत्य “किसी भी प्रकार की रियायत या नरमी का हकदार नहीं है।”

विशेष न्यायाधीश अमित खारकर ने टिप्पणी की, “आरोपी एक वरिष्ठ लोक सेवक था, जिससे समाज को ईमानदारी की उम्मीद थी। लेकिन उसने अपनी स्थिति का दुरुपयोग करते हुए जांच को प्रभावित करने के लिए करोड़ों रुपये की अवैध रिश्वत मांगी।”

क्या था पूरा मामला?  – 2017 में पनवेल के ‘कपल बार एंड रेस्टोरेंट’ पर पुलिस ने छापा मारा था। वहां से 1.50 करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी और जेवर बरामद हुए। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया। बार के मालिक जयराम शेट्टी के बीमार होने की वजह से उनका भतीजा राजू शेट्टी ईडी के सामने पेश हो रहा था। तभी अप्रैल 2017 में राजू शेट्टी को दो धमकी भरे फोन आए। कॉल करने वाला खुद को “ईडी अधिकारी रंजीत कुमार” बता रहा था और दादर के ज्योति होटल में अशोक नायक से मिलने को कहा।

29-30 अप्रैल 2017 को हुई मुलाकात में नायक ने पहले 15 करोड़, फिर 10 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी ताकि ईडी का केस “रफा-दफा” कर दिया जाए। 1.25 करोड़ रुपये की पहली किस्त लेते ही सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के बाद नायक ने खुलासा किया कि बाकी पैसे उसके साथी धनंजय शेट्टी को देने थे। सीबीआई ने धनंजय को भी मौके पर बुलाया और उसे भी नकदी लेते गिरफ्तार किया। हालांकि मुकदमे के दौरान धनंजय की मौत हो गई।

पहले भी थे भ्रष्टाचार के आरोप :  सतर्कता विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अशोक नायक पर पहले भी कई गंभीर शिकायतें मिली थीं। एक पुराने मामले में उसने डीआरआई द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति को जमानत दिलाने के लिए 20 लाख रुपये लिए थे। धोखाधड़ी और वसूली के कई मामले उसके खिलाफ दर्ज थे। गवाहों के बयान, ऑडियो-वीडियो सबूत और सतर्कता रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने नायक को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया।

सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक ने कहा, “यह सजा भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश है कि रिश्वत का खेल अब महंगा पड़ेगा।”

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