
📰 जागरूक मुंबई न्यूज़ | सायन फ्लाईओवर हादसे पर विशेष रिपोर्ट
मुंबई – रविवार की सुबह सायन फ्लाईओवर पर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में राष्ट्रवादी युवा कांग्रेस (अजित पवार गुट) के उपाध्यक्ष सुहैल शकील अंसारी (36) की मौत हो गई। हादसे ने इलाके में भारी जनाक्रोश और सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है।
दुर्घटना का विवरण: सुहैल अंसारी अपने मित्र अबू फैजान एहसानुल हक अंसारी (34) के साथ मरीन लाइन्स से वापस लौट रहे थे। जैसे ही वे सायन फ्लाईओवर पर चढ़े, एक तेज़ रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने अचानक लेन पार कर सामने से टक्कर मार दी। इस टक्कर में दोनों सड़क पर जा गिरे।
सुहैल को चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और घटनास्थल पर ही वह बेहोश हो गए। सायन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अबू फैजान को पैर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें इलाज के लिए कोहिनूर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कार चालक की पहचान और कार्रवाई: पुलिस ने कार के चालक की पहचान 75 वर्षीय चंदुलाल विरचंद जैन, निवासी बायकुल्ला, के रूप में की है। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1), 125(बी), 281 और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 के तहत केस दर्ज किया गया है। उसे नोटिस देकर रिहा कर दिया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
⚠️ फ्लाईओवर बना “मौत का पुल”, स्थानीय लोग नाराज़
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। कुर्ला के सामाजिक कार्यकर्ता मंसूर शेख ने सायन फ्लाईओवर को “मौत का पुल” करार देते हुए कहा:
> “यहां कोई ठोस केंद्रीय डिवाइडर नहीं है, जिससे तेज़ रफ्तार वाहन आसानी से गलत लेन में घुस जाते हैं। अगर अभी उपाय नहीं किए गए, तो और जानें जाएंगी।”
स्थानीय निवासियों ने यह मांग रखी है कि : फ्लाईओवर को एकतरफा मार्ग में बदला जाए
कंक्रीट डिवाइडर लगाया जाए : ठाणे से आने वाले वाहनों को नीचे की सड़क पर डायवर्ट किया जाए
🏛️ प्रशासन की प्रतिक्रिया : सायन पुलिस और ट्रैफिक विभाग ने नागरिकों से प्राप्त औपचारिक ज्ञापन को स्वीकार किया है। अधिकारियों ने बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के साथ मिलकर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है।
🗣️ निष्कर्ष। एक होनहार युवा नेता की असमय मौत ने मुंबई के ट्रैफिक सिस्टम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि प्रशासन कितना तेज़ और गंभीर होकर सड़क सुरक्षा की दिशा में ठोस कदम उठाता है।




