पुलिस क्रूरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया

तेनाली, गुंटूर जिले के तेनाली शहर में पुलिस क्रूरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया
है, जहाँ तीन दलित युवाओं को पुलिसकर्मियों ने सार्वजनिक रूप से बेरहमी से पीटा। यह घटना तब हुई जब इन युवाओं पर एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने का आरोप लगा। हालाँकि, पीड़ितों का कहना है कि यह सब उनके द्वारा रिश्वत देने से इनकार करने के बाद हुआ।
पुलिस का दावा है कि तीनों युवा—विक्टर, बाबूलाल और राकेश—गांजा के नशे में थे और उन्होंने कांस्टेबल चिरंजीवी पर हमला किया।
पुलिस की कार्रवाई इसके बाद, पुलिस ने युवाओं को ऐथनगर इलाके में ले जाकर सड़क किनारे खुलेआम पीटा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुलिसकर्मियों को लाठियों से युवाओं के पैरों और तलवों पर जमकर प्रहार करते देखा जा सकता है। इस दौरान कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।
पीड़ित युवाओं का आरोप है कि कांस्टेबल चिरंजीवी ने उनसे रिश्वत मांगी, लेकिन जब उन्होंने इनकार किया तो उन पर झूठे आरोप लगाकर पुलिस ने उनकी पिटाई की। उनका कहना है कि कांस्टेबल अपनी भ्रष्टाचार वाली हरकतों को छुपाने के लिए झूठे केस में फंसा रहा है।
स्थानीय नागरिकों और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस प्रशासन ने जाँच का दावा किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस की ज्यादती और दलित समुदाय के प्रति भेदभाव को उजागर करती है। अगर युवाओं के आरोप सही हैं, तो यह गंभीर भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है। जनता और सामाजिक संगठन पारदर्शी जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



