मुंबई, घाटकोपर पूर्व में तीन लाख रुपये के पुराने कर्ज़ विवाद को लेकर एक 41 वर्षीय गृहिणी की चाकू गोदकर हत्या करने के आरोप में पंत नगर पुलिस ने 42 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहम्मद इरफान उर्फ चांद फकरीलम अंसारी के रूप में हुई है, जो पीड़िता का पड़ोसी ही था। पुलिस ने चार दिनों की गहन जांच के बाद उसे 29 दिसंबर को धर दबोचा और अदालत ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
पीड़िता अमिनाबी मोहम्मद इबरार सिद्दीकी घाटकोपर ईस्ट की राइजिंग सिटी में अपने पति मोहम्मद इबरार अनवर सिद्दीकी (45, ड्राइवर) और चार बच्चों के साथ रहती थीं। वह रोजाना रात का भोजन करने के बाद पीडब्ल्यूडी ग्राउंड रोड पर टहलने जाती थीं। 24 दिसंबर की रात करीब साढ़े दस बजे वह घर से निकलीं, लेकिन लौटकर नहीं आईं। परिवार के बार-बार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। परिजनों ने तलाश की और पंत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
अगली सुबह एक रिश्तेदार ने सूचना दी कि पीडब्ल्यूडी ग्राउंड रोड पर अमिनाबी का शव मिला है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि वह खून से लथपथ थीं और गंभीर चोटें लगी हुई थीं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस उपायुक्त (जोन 7) हेमराजसिंह राजपूत के निर्देशन और वरिष्ठ निरीक्षक लता सुतार की अगुवाई में 15 जांच टीमें गठित की गईं। करीब 300 पुलिसकर्मियों ने 50 एकड़ क्षेत्र की छानबीन की। सीसीटीवी फुटेज, 21 मोबाइल फोनों का तकनीकी विश्लेषण, ऑटो चालकों से पूछताछ और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल से आरोपी तक पहुंचा गया।
पूछताछ में अंसारी ने कबूल किया कि कोविड से पहले उसकी पत्नी ने अमिनाबी को तीन लाख रुपये उधार दिए थे, जो वापस नहीं हुए। आर्थिक तंगी और बेटी की बीमारी के चलते परेशान आरोपी ने चार महीने पहले हत्या की साजिश रची। उसने पीड़िता पर नजर रखी, डी-मार्ट से चाकू खरीदा और 23 दिसंबर को हत्या का असफल प्रयास किया।
घटना वाली रात उसने अमिनाबी का पीछा किया, बात करने के बहाने एकांत में ले जाकर उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। हत्या के बाद वह मौके से फरार हो गया और किराए का ऑटो लेकर घर पहुंचा। इसी सुराग से पुलिस उसके पीछे लगी।
पुलिस का कहना है कि आरोपी आर्थिक संकट से जूझ रहा था और ब्याज सहित रकम वसूलने की नाकामी ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया। मामले की आगे की जांच जारी है। यह घटना इलाके में पुराने वित्तीय विवादों के खतरनाक परिणामों की याद दिलाती है।




