
नारायण राणे की तीखी टिप्पणी: ठाकरे बंधु एकजुट होकर भी बीएमसी में सत्ता से दूर, उद्धव अब ‘भगवान’ पर निर्भर?
मुंबई/सिंधुदुर्ग,भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद नारायण राणे ने बीएमसी चुनाव 2026 में शिवसेना (यूबीटी) की करारी हार पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर जमकर निशाना साधा। राणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ठाकरे बंधु एक साथ आकर भी मुंबई की सत्ता हासिल नहीं कर सके, जिससे साफ है कि उनकी राजनीतिक ताकत कमजोर पड़ चुकी है।
राणे ने उद्धव ठाकरे के महापौर पद को लेकर दिए बयान पर कटाक्ष करते हुए पूछा, “उद्धव ठाकरे अब कब से भगवान पर निर्भर हो गए? पहले तो उन्होंने कभी भगवान के सामने हाथ नहीं जोड़े। क्या महापौर आसमान से गिरेगा? उनकी संख्या देखते हुए इतना बड़ा अंतर कैसे पाटेंगे?” उन्होंने कहा कि दोनों बंधुओं के एकजुट होने के बावजूद बीएमसी में कुछ हासिल नहीं हुआ।
राणे ने आगे आरोप लगाया कि हार के झटके से उद्धव ठाकरे गहरे अवसाद में चले गए हैं और उनकी बातें अब जमीनी हकीकत से दूर हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “महाराष्ट्र की 25 नगर निगमों में भाजपा सत्ता में आ चुकी है। अब कम से कम उद्धव ठाकरे को घर पर बैठ जाना चाहिए।”
बीएमसी चुनाव में महायुति गठबंधन (भाजपा, शिवसेना-शिंदे गुट और एनसीपी-अजीत पवार गुट) की मजबूत जीत के बाद राणे ने आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों पर भी भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि महायुति इन चुनावों में एकजुट होकर लड़ेगी और सीट बंटवारा सर्वसम्मति से तय हो चुका है।
भाजपा: 31 जिला परिषद और 63 पंचायत समिति सीटों पर लड़ेगी।
शिवसेना (शिंदे गुट): 19 जिला परिषद और 37 पंचायत समिति सीटों पर।
एनसीपी (अजीत पवार गुट): बाकी सीटों का आवंटन चर्चा से तय होगा।
राणे ने दावा किया कि नगर निगम चुनावों की तरह जिला परिषद और पंचायत समिति में भी महायुति शानदार सफलता हासिल करेगी। उन्होंने कहा, “सिंधुदुर्ग जिला राज्य में अग्रणी रहेगा। महाराष्ट्र में अब कोई ऐसा विरोधी नहीं बचा जो हमसे बहस कर सके।”
यह बयान ऐसे समय आया है जब बीएमसी चुनाव परिणामों ने महायुति को मजबूत स्थिति में ला दिया है, जबकि ठाकरे परिवार का मुंबई पर दशकों पुराना वर्चस्व टूटता दिख रहा है। राजनीतिक हलचल अब जिला स्तर के चुनावों की ओर बढ़ रही है।




