
मुंबई, मुंबई के व्यस्त मरोल नाका इलाके में मेट्रो स्टेशन के निकट संचालित ‘नौरिश स्पा’ (Nourish Spa) के खिलाफ स्थानीय निवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गंभीर शिकायतें दर्ज की हैं। आरोप है कि यह स्पा सेंटर मसाज और वेलनेस सेवाओं की आड़ में संदिग्ध और संभवतः अवैध गतिविधियां चला रहा है, जिससे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि स्पा के परिसर में मेजेनाइन फ्लोर पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के अलग-अलग केबिन बनाए गए हैं। इसके अलावा, प्रतिष्ठान के पास आवश्यक ट्रेड लाइसेंस, हेल्थ लाइसेंस और फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। कर्मचारियों की योग्यता, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और पृष्ठभूमि जांच को लेकर भी कोई पारदर्शिता नहीं दिख रही।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि ग्राहकों का कोई उचित रजिस्ट्रेशन सिस्टम नहीं अपनाया जा रहा, सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों का प्रदर्शन भी नहीं किया गया है। स्पा देर रात तक (कई बार आधी रात के बाद तक) संचालित रहता है, जिससे आसपास के निवासियों को असुविधा और असुरक्षा का अहसास हो रहा है।
एक निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “यह इलाका पहले से ही व्यस्त है, मेट्रो और होटलों के कारण। ऐसे में अगर कोई प्रतिष्ठान नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रहा है, तो प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। हम नहीं चाहते कि मरोल जैसा इलाका अवैध धंधों का अड्डा बन जाए।”
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हो चुकी है, जहां कुछ यूजर्स ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए ‘नौरिश स्पा’ और आसपास के अन्य स्पा सेंटर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि बीएमसी, स्वास्थ्य विभाग, फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन मिलकर इस स्पा सेंटर की तत्काल संयुक्त जांच करें। यदि आरोप सत्यापित होते हैं, तो सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
यह खबर केवल प्राप्त शिकायतों और स्थानीय सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है। इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी ठहराना नहीं, बल्कि प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना है। संबंधित पक्ष यदि कोई स्पष्टीकरण देना चाहें, तो स्वागत है।
प्रशासन से अपेक्षा है कि मुंबई जैसे महानगर में स्पा और मसाज पार्लरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नियमित निरीक्षण और सख्त मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि असली वेलनेस सेवाएं देने वाले प्रतिष्ठानों की विश्वसनीयता बनी रहे और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगे।




