मुंबई शहरहोम

IPS अधिकारी बनकर व्यापारी को ठगा

IPS अधिकारी बनकर व्यापारी को ठगा, आरोपी गिरफ्तार — आधार कार्ड भी निकला फर्जी

जागरूक मुंबई न्यूज़

मुंबई: क्राइम ब्रांच यूनिट 2 ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी (IPS) बताकर लोगों को धोखा देता था। आरोपी की पहचान संदीप नारायण गोसावी उर्फ संदीप कार्निक उर्फ दिनेश बोडुलाल दीक्षित के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ आजाद मैदान पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद 7 जुलाई की रात उसे गिरफ्तार किया गया।

शिकायतकर्ता नाज़िम कासिम कच्छी (24), जो क्रॉफर्ड मार्केट के पास साकेबी कलेक्शन नामक कपड़े की दुकान चलाते हैं, ने बताया कि आरोपी से उसकी मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। आरोपी ने खुद को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हुए पुलिस मुख्यालय में अपनी पहचान भी स्थापित की थी, जिससे नाज़िम का उस पर भरोसा जम गया।

कैसे दिया ठगी को अंजाम:    5 जून को आरोपी ने नाज़िम से कहा कि वह नागपुर में अपना फोन कार में भूल आया है और अस्थायी तौर पर एक फोन की जरूरत है। उस पर विश्वास कर नाज़िम ने अपना Samsung A35 फोन उसे दे दिया। लेकिन बाद में जब उन्होंने फोन वापस मांगा, तो आरोपी ने टालमटोल शुरू कर दी और फोन लौटाने से इनकार कर दिया। ₹14,000 देने का झूठा वादा भी किया गया, जो कभी पूरा नहीं हुआ।

पुलिस कार्रवाई:     नाज़िम को जब शक हुआ तो उन्होंने खुद जांच की और पाया कि आरोपी असली पुलिस अधिकारी नहीं है। 7 जुलाई की रात आरोपी को मुंबई पुलिस कमिश्नर कार्यालय के गेट नंबर 5 के पास एक स्टाल पर देखा गया। नाज़िम ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिन्होंने आरोपी को पकड़कर अपराध शाखा कार्यालय लाया और नाज़िम का मोबाइल फोन भी उसके पास से बरामद कर लिया।

जांच में बड़े खुलासे :पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कई फर्जी पहचान बनाकर लोगों को धोखा देता था। उसके पास से एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसमें उसकी तस्वीर तो थी लेकिन नाम “दिनेश बोडुलाल दीक्षित” लिखा था।

आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

( धारा 204 – साक्ष्य का नाश करना, )    ( धारा 316(2) – विश्वास का आपराधिक उल्लंघन,   ) ( धारा 318(1) )  (4) – धोखाधड़ी और बेईमानी से प्रेरित  करना,  )   (  धारा 319(1) – लोक सेवक का झूठा प्रतिरूपण, )  (  धारा 337 – जालसाजी,  )                                 अदालत ने आरोपी को 11 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस धोखाधड़ी में और लोग शामिल हैं, और क्या इस आरोपी ने इसी तरह और लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button