
मुंबई में नशे के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक: 6.5 करोड़ की हेरोइन जब्त, राजस्थान-उत्तराखंड से जुड़े तार

मुंबई | विशेष संवाददाता
मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए सांताक्रूज़ और वर्सोवा इलाकों से तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6.5 करोड़ रुपये मूल्य की उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नशे की यह खेप उत्तर भारत के राजस्थान और उत्तराखंड राज्यों से तस्करी कर मुंबई लाई गई थी।
किराए के कमरे को बनाया था ‘ड्रग डिपो’
गिरफ्तार आरोपियों ने वर्सोवा में एक कमरा किराए पर ले रखा था। वे इसे एक गोदाम के रूप में इस्तेमाल करते थे, जहां बड़ी खेप को छोटे-छोटे पैकेटों में बांटकर शहर के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें प्रत्येक खेप सुरक्षित पहुंचाने के बदले 25,000 रुपये प्रति व्यक्ति का कमीशन मिलता था।
दो अलग-अलग ऑपरेशनों में मिली सफलता
डीसीपी (ANC) नवनाथ धवले के मार्गदर्शन और कांदिवली यूनिट के वरिष्ठ निरीक्षक शशिकांत जगदाले के नेतृत्व में पुलिस ने दो चरणों में कार्रवाई की : पहला ऑपरेशन (सांताक्रूज़) : पुलिस टीम ने सांताक्रूज़ में एक संदिग्ध व्यक्ति को जाल बिछाकर पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 508 ग्राम हेरोइन मिली, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2.54 करोड़ रुपये आंकी गई है।
दूसरा ऑपरेशन (वर्सोवा) : रविवार देर रात पुलिस ने अरमान मलिक और दानिश अली नामक दो युवकों को दबोचा। शुरुआती तलाशी में इनके पास से छोटी पुड़िया मिलीं, लेकिन सघन पूछताछ के बाद इनके किराए के कमरे से 750 ग्राम हेरोइन (कीमत 3.82 करोड़ रुपये) और बरामद की गई।
पश्चिमी उपनगरों में बढ़ी मांग
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई संकेत देती है कि मुंबई के पश्चिमी उपनगरों में हेरोइन की मांग और खपत में इजाफा हुआ है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना और उत्तराखंड के सप्लायरों की तलाश में जुट गई है।
“हम नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उत्तर भारत से आ रही इस सप्लाई लाइन पर हमारी पैनी नजर है।”
— पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी




