
मुंबई पर ‘गैस संकट’ की मार: पश्चिम एशिया के तनाव से रसोई और व्यापार ठप
मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से LPG गैस की भारी किल्लत देखी जा रही है। पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे भू-राजनीतिक संकट के कारण कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर अब मुंबई के आम जनजीवन पर पड़ने लगा है।
प्रमुख बिंदु:
छोटे व्यापारियों पर संकट: मुंबई की जान कहे जाने वाले ‘स्ट्रीट फूड’ पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वड़ा पाव, समोसा, और छोटे रेस्टोरेंट चलाने वाले व्यापारियों को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। कई दुकानदारों ने गैस खत्म होने के कारण अपनी दुकानें अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं।
घरेलू रसोई में देरी: आम नागरिकों को भी सिलेंडर रिफिल के लिए सामान्य से 5-7 दिन ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। रिफिल बुकिंग में हो रही देरी से कामकाजी परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
महंगाई का डर: सप्लाई कम होने की वजह से काले बाजार (Black Marketing) की खबरें भी आ रही हैं, जहाँ सिलेंडरों को ऊंची कीमतों पर बेचा जा रहा है।
सरकार और प्रशासन का कदम : महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। प्रशासन का कहना है:
“हम तेल कंपनियों के संपर्क में हैं और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कम से कम घरेलू सप्लाई और अस्पतालों जैसी आवश्यक सेवाओं में गैस की कमी न हो।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले हफ्तों में पीएनजी (PNG) और सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी भारी उछाल देखने को मिल सकता है।




