
स्वीटी पटेल हत्याकांड में पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर को उम्रकैद, सह-आरोपी को 5 साल की सजा
वडोदरा/करजन | जागरूक मुंबई न्यूज़
गुजरात के बहुचर्चित स्वीटी पटेल हत्याकांड में करजन कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने मृतका स्वीटी पटेल की हत्या के मामले में उसके पति और तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अजय देसाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने में मदद करने के आरोप में सह-आरोपी किरीटसिंह जडेजा को 5 साल की जेल की सजा दी गई है।
प्रेम संबंध से शुरू हुई कहानी, विवाद के बाद हत्या
37 वर्षीय स्वीटी पटेल आणंद जिले के उमरेठ तालुका के पंसोरा गांव की रहने वाली थी। स्वीटी ने पहले अपने गांव के हेतस पांड्या से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो बेटे थे। वर्ष 2014 में दोनों का आपसी सहमति से तलाक हो गया।
इसके बाद वर्ष 2015 में स्वीटी की मुलाकात PSI अजय देसाई से हुई। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और वर्ष 2016 में उन्होंने रूपाल स्थित एक मंदिर में विवाह किया। वर्ष 2019 में दोनों के एक बेटे का जन्म हुआ।
हालांकि, अजय देसाई ने वर्ष 2017 में अपने समाज की एक अन्य युवती से कानूनी रूप से शादी कर ली थी। इसी बात को लेकर स्वीटी और अजय के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि स्वीटी चाहती थी कि अजय उनके रिश्ते और विवाह को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करे। इसी विवाद ने बाद में गंभीर रूप ले लिया।
आधी रात को विवाद, फिर हत्या का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, 4 जून 2021 की रात करजन की प्रयोशा सोसाइटी स्थित घर में स्वीटी और अजय के बीच तीखी बहस हुई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इसी दौरान अजय देसाई ने स्वीटी की हत्या कर दी।
आरोप है कि अगले दिन अजय ने शव को चादर में लपेटकर जीप में रखा और भरूच जिले के दहेज के पास अटाली इलाके में ले जाकर शव को जला दिया।
49 दिन बाद खुला हत्या का राज
5 जून 2021 को स्वीटी के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी। शुरुआत में मामला गुमशुदगी के रूप में दर्ज हुआ, लेकिन बाद में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और ATS की जांच में कई अहम सुराग सामने आए।
जांच के दौरान घर से खून के निशान मिलने के साथ-साथ उस स्थान से हड्डियों के अवशेष, दांत और गहने भी बरामद किए गए, जहां स्वीटी के शव को जलाए जाने का आरोप था।
इसके अलावा मोबाइल लोकेशन, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। करीब 49 दिन बाद मामले में हत्या का खुलासा हुआ।
1290 पन्नों की चार्जशीट
जांच के दौरान कांग्रेस नेता किरीटसिंह जडेजा का नाम भी सामने आया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उस पर हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने में मदद करने का आरोप था।
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने करजन कोर्ट में करीब 1290 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 100 से अधिक गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल डेटा और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य शामिल किए गए थे।
पुलिस अधिकारी होने के बावजूद हत्या को कोर्ट ने माना गंभीर
लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अजय देसाई को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं सह-आरोपी किरीटसिंह जडेजा को 5 वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता पर टिप्पणी करते हुए माना कि मुख्य आरोपी स्वयं पुलिस अधिकारी रहा था और उसके खिलाफ बंद घर के भीतर अपनी पत्नी की हत्या करने का गंभीर आरोप साबित हुआ है। करीब पांच साल पुराने इस चर्चित हत्याकांड में कोर्ट के फैसले के बाद अब स्वीटी पटेल के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।




