हाई-वोल्टेज ड्रामा

अरावली एक्सप्रेस में हाई-वोल्टेज ड्रामा
RPF जवान पर रेज़र से हमला करने के आरोप में अभिनेत्री गिरफ्तार
मुंबई | जागरूक मुंबई न्यूज
मुंबई। अरावली एक्सप्रेस के AC कोच में यात्रा को लेकर हुए विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब मॉडल एवं वेब सीरीज़ अभिनेत्री अंतरा बनर्जी पर RPF कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने और रेज़र ब्लेड से हमला करने का आरोप लगा। घटना 12 अगस्त की रात बोरीवली और दहानू के बीच हुई।
पुलिस के मुताबिक, अभिनेत्री के पास अनरिजर्व्ड टिकट था, लेकिन वह ट्रेन के रिजर्व्ड AC कोच में पहुंच गई थीं। एक यात्री द्वारा सीट खाली करने के लिए कहे जाने के बाद विवाद की सूचना टिकट कलेक्टर और RPF कर्मचारियों को दी गई।
विवाद बढ़ा तो मचा हंगामा
FIR में दर्ज आरोपों के अनुसार, RPF के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर यामिनीकांत मिश्रा और कॉन्स्टेबल राजेश कुमार ने स्थिति संभालने की कोशिश की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और अभिनेत्री के कथित तौर पर हिंसक व्यवहार करने की बात सामने आई।
पुलिस का आरोप है कि उन्होंने रेज़र ब्लेड लहराया और RPF अधिकारी को चोट पहुंची। अधिकारी ने अपनी यूनिफॉर्म और मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाए जाने का भी आरोप लगाया है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए RPF कर्मचारियों ने AC कोच के दरवाजे बंद कर दिए। पुलिस के मुताबिक, दहानू स्टेशन पहुंचने से पहले अभिनेत्री ने कथित तौर पर खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश भी की।
दहानू में GRP के हवाले
दहानू रेलवे स्टेशन पर अभिनेत्री को ट्रेन से उतारकर सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) को सौंप दिया गया। करीब एक घंटे से अधिक चले इस घटनाक्रम से यात्रियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अगले दिन बोरीवली रेलवे पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए अभिनेत्री को हिरासत में लिया। 13 अगस्त को FIR दर्ज की गई, जिसमें सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट, चोट पहुंचाने, सुरक्षा को खतरे में डालने और जानबूझकर अपमान करने समेत विभिन्न आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभिनेत्री को नोटिस दिया गया और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस जांच जारी : फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस घटना के दौरान मौजूद यात्रियों और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही है।
महत्वपूर्ण: खबर में लगाए गए आरोप पुलिस में दर्ज FIR एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही होगी।




