
मुंबई में बढ़ता ‘स्ट्रीट क्राइम’: 2026 की पहली तिमाही में चोरी और झपटमारी की घटनाओं में उछाल
मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई में साल 2026 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) के दौरान स्ट्रीट क्राइम यानी गली-मोहल्लों में होने वाले अपराधों में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है। मुंबई पुलिस द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष के मुकाबले चोरी, डकैती और चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों में इजाफा हुआ है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पुलिस की ‘डिटेक्शन रेट’ (मामलों को सुलझाने की दर) में भी सुधार देखा गया है।
संपत्ति से जुड़े अपराधों में बढ़ोत्तरी
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो चोरी के मामलों में सबसे बड़ा उछाल देखा गया है:
चोरी: साल 2025 की पहली तिमाही में 1,397 मामले दर्ज हुए थे, जो 2026 में बढ़कर 1,621 हो गए हैं।
वाहन चोरी: इस साल अब तक 580 गाड़ियां चोरी हुईं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 540 था।
लूटपाट: पिछले साल के 74 मामलों के मुकाबले इस साल 90 घटनाएं दर्ज की गईं।
पुलिस की सक्रियता: जांच में 100% तक सफलता
अपराध बढ़ने के बावजूद मुंबई पुलिस की जांच प्रक्रिया काफी प्रभावी रही है। पुलिस ने डकैती के 100% मामलों को सुलझा लिया है। वहीं, लूटपाट के 90 में से 88 मामलों (98%) का पर्दाफाश कर अपराधियों को जेल भेजा गया है।
चेन स्नेचिंग में वृद्धि, सेंधमारी में कमी
महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े चेन स्नेचिंग के मामलों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पुलिस ने इसमें 92% की रिकवरी रेट बनाए रखी है। दूसरी ओर, घर में सेंधमारी (HBT) की घटनाओं में थोड़ी गिरावट आई है; यह आंकड़ा 257 से घटकर 234 पर आ गया है। हालांकि, अन्य अपराधों की तुलना में सेंधमारी के मामलों को सुलझाने की रफ्तार अभी भी धीमी है।
निष्कर्ष : कुल मिलाकर, मुंबई पुलिस की सक्रियता और आधुनिक जांच तकनीकों के कारण अपराधियों की धरपकड़ तेज हुई है। शहर में बढ़ते संपत्ति अपराधों को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी नेटवर्क को और मजबूत करने पर जोर दे रही है, ताकि बढ़ते अपराधों पर लगाम कसी जा सके।




