मुंबई शहरहोम

जीआरपी द्वारा उगाही केस में कार्रवाई,

सुप्रीम कोर्ट बड़ा फैसला,

मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर कथित उगाही मामले में तीन बर्खास्त जीआरपी कर्मी गिरफ्तार किया गया है।

 

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी जमानत रद्द किए जाने के बाद की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (ASI) ललित जगताप तथा हेड कांस्टेबल राहुल भोसले और अनिल राठौड़ के रूप में हुई है।

घटना के समय तीनों मुंबई सेंट्रल रेलवे पुलिस थाने में तैनात थे। पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त 2025 की रात राजस्थान के एक जौहरी कमलकुमार सोनी अपनी 8 वर्षीय बेटी के साथ मुंबई सेंट्रल स्टेशन से राजस्थान जाने वाली ट्रेन पकड़ने पहुंचे थे। आरोप है कि रेलवे पुलिसकर्मियों ने उनकी तलाशी ली, जिसमें 14 ग्राम सोना और लगभग ₹31,900 नकद मिले। इसके बाद उन्हें एक कमरे में ले जाकर डराया-धमकाया गया और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने सोना वापस कर दिया, लेकिन ₹30,000 अपने पास रख लिए।

 

राजस्थान लौटने के बाद पीड़ित ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। मामला बाद में मुंबई जीआरपी को सौंपा गया। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और विभागीय जांच के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान हुई। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर तीनों को पहले निलंबित किया गया और बाद में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

मामले में सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। 27 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी और मामले को गंभीर मानते हुए कड़ी टिप्पणी की। इसके बाद रेलवे क्राइम ब्रांच ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button