
हद के विवाद में चार घंटे रेलवे ट्रैक पर पड़ा रहा शव, रेलवे और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

कल्याण: कल्याण में रेलवे ट्रैक पर शव मिलने के बाद कल्याण रेलवे पुलिस और कोळसेवाड़ी पुलिस के बीच कथित तौर पर क्षेत्राधिकार को लेकर विवाद सामने आया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद के चलते शव करीब चार घंटे तक रेलवे ट्रैक पर ही पड़ा रहा।
शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शव किस पुलिस थाने की सीमा में आता है, इसे लेकर दोनों पुलिस यंत्रणाओं के बीच कथित रूप से असमंजस बना रहा। आरोप है कि शव को तत्काल हटाकर पंचनामा और आगे की कानूनी कार्रवाई करने के बजाय सीमा तय करने में काफी समय बीत गया।
रेलवे ट्रैक पर चार घंटे तक शव पड़े रहने से रेलवे सुरक्षा और यात्री व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर किसी व्यक्ति की मौत रेलवे परिसर में होती है, तो ऐसी आपात स्थिति में संबंधित रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच तत्काल समन्वय होना जरूरी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि हद किसकी है, यह तय करने में चार घंटे क्यों लगे? क्या क्षेत्राधिकार का विवाद किसी मृत व्यक्ति के शव को रेलवे ट्रैक पर घंटों पड़े रहने का कारण बन सकता है? रेलवे और पुलिस प्रशासन को इस मामले में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
मृतक की पहचान और मौत के सही कारण की जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। मामले की जांच जारी है। हालांकि, इस घटना ने रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस के बीच आपसी समन्वय तथा आपातकालीन स्थिति में उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या रेलवे ट्रैक पर पड़े शव को लेकर इतनी देर तक सीमा विवाद होना पुलिस-रेलवे प्रशासन की संवेदनशीलता पर सवाल नहीं उठाता? इस पूरे मामले में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।



