महाराष्ट्रहोम

‘थर्ड डिग्री’

Maharashtra

इस वक्त महाराष्ट्र के बुलढाणा से एक ऐसी सनसनीखेज और हैरान कर देने वाली खबर आ रही है, जिसने पूरे महाराष्ट्र पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, कानून के रखवालों की एक ऐसी अंधेरगर्दी सामने आई है, जिसे सुनकर आपके पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी,

बुलढाणा के चिखली में पुलिस ने एक ‘मरे हुए इंसान’ को ढूंढने का ऐसा दावा किया कि सीधे एक बेकसूर पिता और भाई को कातिल बना दिया,

पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने ऑनर किलिंग का केस सुलझा लिया है। पिता और भाई पर अपनी ही बेटी की हत्या का आरोप मढ़ा गया, उनसे ‘थर्ड डिग्री’ के दम पर झूठा कबूली बयान लिखवाया गया और उन्हें जेल की काल कोठरी में सड़ने के लिए भेज दिया गया,

लेकिन… कहानी में असली और सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया,  जब पुलिस की बनाई यह झूठी थ्योरी ताश के पत्तों की तरह ढह गई, जिस लड़की की ‘हत्या’ के आरोप में बाप और भाई जेल में बंद थे… वह लड़की अचानक, खुद चलकर… अपने प्रेमी के साथ जिंदा पुलिस स्टेशन पहुंच गई,

जी हां, तस्वीरें गवाह हैं उस पूरे घटनाक्रम की, जिसे पुलिस फाइलों में ‘लाश’ मान चुकी थी, वह खुद चिखली थाने के सामने खड़ी थी, लड़की के जिंदा सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया, अफसरों के हाथ-पांव फूल गए, आनन-फानन में मामले को अदालत के सामने ले जाया गया, जिसके बाद कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताते हुए बेकसूर पिता और भाई को तुरंत और ससम्मान रिहा करने का आदेश दिया।

अब इस पूरे मामले पर सबसे बड़े सवाल ये उठते हैं,बिना शव (Dead Body) मिले, पुलिस ने सिर्फ अपनी मर्जी से हत्या का केस कैसे दर्ज कर लिया,

क्या पुलिस कस्टडी में बेकसूरों को इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने वह गुनाह भी कबूल कर लिया जो उन्होंने कभी किया ही नहीं था, और सबसे बड़ा सवाल… उस बेकसूर पिता और भाई ने जो मानसिक टॉर्चर झेला, समाज में जो बदनामी झेली, उसकी भरपाई आखिर कौन करेगा,

क्या दोषी पुलिसकर्मियों पर सिर्फ जांच होगी या उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया जाएगा, ‘मर्डर’ में पिता-भाई गए जेल, वह जिंदा लौटी,

बुलढाणा में पुलिस की अंधेरगर्दी, जिस लड़की के ‘मर्डर’ में पिता-भाई गए जेल, वह जिंदा लौटी, बिना शव मिले ही पुलिस ने बना दी थी ऑनर किलिंग की थ्योरी, कोर्ट के आदेश पर बेकसूर रिहा, थर्ड डिग्री का खौफ! पुलिस टॉर्चर के आगे बेकसूरों ने कबूल लिया गुनाह, अपनी ही बेटी का मर्डर केश। केस बंद करने की जल्दबाजी में खाकी दागदार,

 

 

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